तेन्गु: जापानी पर्वतों का योकाई
तेन्गु को जानिए: पहाड़, साधना, पक्षी-रूप, यामाबुशी वस्त्र, आध्यात्मिक अहंकार और युद्ध-कला की लोकपरंपरा से जुड़ा जापानी योकाई।
तेन्गु कौन है
तेन्गु जापानी लोककथाओं की सबसे जटिल आकृतियों में से एक है। वह पहाड़ों, जंगलों और तीर्थ-पथों में रहता है; कभी पक्षी-चेहरे वाला, कभी लंबे नाक और यामाबुशी वस्त्रों वाला।
खतरनाक पक्षी से पर्वत-गुरु तक
पुराने ग्रंथों में तेन्गु साधकों को भटकाने और संन्यासियों के गर्व को उजागर करने वाली शक्ति है। बाद में वही आकृति पर्वतों के रहस्यों की रखवाली करने, यात्रियों को परखने और वीरों को युद्ध-कला सिखाने वाले गुरु के रूप में भी पढ़ी गई।
तेन्गु का अर्थ
तेन्गु विनम्रता के बिना आध्यात्मिक शक्ति की कहानी है। वह पहाड़ की रक्षा कर सकता है, अहंकार को दंड दे सकता है या निषिद्ध ज्ञान दे सकता है; इसलिए वह केवल खलनायक नहीं, सीमा पर खड़ी चेतावनी है।
जापानी शब्दों की सूची
Tengu
पहाड़ों, पक्षियों और अस्पष्ट आध्यात्मिक शक्ति से जुड़ा जापानी योकाई।
Yokai
जापानी लोकविश्वास में विचित्र प्राणियों और अलौकिक घटनाओं के लिए व्यापक शब्द।
Daitengu
बड़ा तेन्गु, जिसे अक्सर शक्तिशाली पर्वतीय गुरु के रूप में देखा जाता है।
Karasu-tengu
कौवे जैसे रूप वाला तेन्गु, जिसकी छवि अधिक प्राचीन और वन्य है।
Yamabushi
पहाड़ों में साधना करने वाला तपस्वी, जिसने तेन्गु की दृश्य छवि को प्रभावित किया।
Shugendo
जापानी पर्वतीय साधना की परंपरा, जिसमें तप, अनुष्ठान और आध्यात्मिक शक्ति जुड़ी हैं।
Hauchiwa
तेन्गु का पंखों वाला पंखा, जो हवा और अलौकिक अधिकार का प्रतीक है।
Sojobo
कुरामा पर्वत का प्रसिद्ध तेन्गु, लोककथाओं में युद्ध-कला का गुरु माना जाता है।


