यामाता नो ओरोची: जापानी मिथक का आठ सिरों वाला सर्प

यामाता नो ओरोची को जानिए: सुसानोओ, कुशिनादाहिमे, आठ सिरों वाला सर्प, याशिओरी साके और कुसानागी तलवार से जुड़ा जापानी मिथक।

यामाता नो ओरोची कौन है

यामाता नो ओरोची साधारण राक्षस नहीं, जापानी मिथक की विराट शक्ति है। आठ सिर, आठ पूंछ, घाटियों को ढकता शरीर और रक्त जैसे नेत्र प्रकृति के अनियंत्रित भय को एक रूप देते हैं।

सुसानोओ और इजुमो की कथा

निर्वासन के बाद सुसानोओ इजुमो पहुंचता है और एक बूढ़े दंपती से मिलता है जिन्होंने अपनी बेटियां ओरोची को खो दी हैं। अंतिम बेटी कुशिनादाहिमे को बचाने के लिए वह याशिओरी साके से सर्प को मदहोश करता है और उसके शरीर से कुसानागी तलवार पाता है।

ओरोची का अर्थ

नेविगेशन की सुविधा के लिए उसे योकाई वर्ग में रखा गया है, पर लेख में उसे मिथकीय सर्प और प्रकृति-शक्ति के रूप में पढ़ना अधिक सही है। वह बाढ़, पहाड़, नदी, बलि और अधिकार को एक साथ बांधता है।

जापानी शब्दों की सूची

Yamata no Orochi

八岐大蛇(やまたのおろち)

आठ सिरों और आठ पूंछों वाला विशाल सर्प, Kojiki और Nihon Shoki की प्रमुख कथा में उपस्थित।

Susanoo-no-Mikoto

須佐之男命(すさのおのみこと)

तूफान का देवता, जो ओरोची को हराकर कुशिनादाहिमे को बचाता है।

Kushinadahime

櫛名田比売(くしなだひめ)

युवा स्त्री जिसे ओरोची को सौंपा जाना था; सुसानोओ उसकी रक्षा करता है।

Yashiori no sake

八塩折之酒(やしおりのさけ)

ओरोची को मदहोश करने के लिए तैयार किया गया शक्तिशाली साके।

Kusanagi no Tsurugi

草薙剣(くさなぎのつるぎ)

ओरोची के शरीर से मिली दिव्य तलवार, बाद में सत्ता का प्रतीक बनी।

Izumo

出雲(いずも)

कथा का प्रदेश, पहाड़ों, नदियों और प्राचीन अनुष्ठानों से जुड़ा हुआ।

यह भी पढ़ें