बहुत, बहुत समय पहले, किसी जगह पर एक दयालु बूढ़ा और एक दयालु बुढ़िया रहते थे। एक दिन बूढ़ा घर के पीछे पहाड़ पर बाँस काटने गया। तभी उसने देखा कि बाँस का एक डंठल तेज़ी से चमक रहा था। "अरे, उस बाँस को क्या हो गया? यह तो बहुत चमक रहा है।"
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जब बूढ़े ने बाँस काटा, तो उसे उसके भीतर एक छोटी-सी लड़की मिली। "अरे, कितनी छोटी और प्यारी बच्ची है। आओ, आओ।" बूढ़ा लड़की को घर ले आया। उसने और बुढ़िया ने उसका नाम राजकुमारी कागुया रखा और बड़े प्यार से उसका पालन-पोषण किया।
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जब बूढ़े ने बाँस काटा, तो उसे उसके भीतर एक छोटी-सी लड़की मिली। "अरे, कितनी छोटी और प्यारी बच्ची है। आओ, आओ।" बूढ़ा लड़की को घर ले आया। उसने और बुढ़िया ने उसका नाम राजकुमारी कागुया रखा और बड़े प्यार से उसका पालन-पोषण किया।