किंतारो

किंतारो
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किंतारो — पृष्ठ 2
"जब मैं बड़ा हो जाऊँगा, तो राजधानी जाऊँगा और एक महान समुराई बनूँगा।" इस सपने को दिल में रखकर किंतारो हर दिन अभ्यास करता था। घुड़सवारी सीखने के लिए वह भालू की पीठ पर चढ़ता और ऐसे अभ्यास करता मानो घोड़े पर बैठा हो।
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