नदी पार करने के बाद डायन फिर उसका पीछा करने लगी। जब उसके हाथ भिक्षु की पीठ को छूने ही वाले थे, उसने आखिरी ओफ़ुदा छोड़ा और कहा, "कृपया रेत का एक बड़ा पहाड़ बना दो!" उसी क्षण रेत का पहाड़ प्रकट हुआ, और डायन फिसल गई, आगे पीछा न कर सकी।
— 11 —
तब भिक्षु मंदिर तक भागा और गुरु को पुकारा, "गुरुजी, गुरुजी! डायन मेरे पीछे है!" गुरु ने कहा, "ठीक है। अलमारी में छिप जाओ!"
— 12 —
तब भिक्षु मंदिर तक भागा और गुरु को पुकारा, "गुरुजी, गुरुजी! डायन मेरे पीछे है!" गुरु ने कहा, "ठीक है। अलमारी में छिप जाओ!"