यह देखकर बुरे बूढ़े ने बची हुई राख उठाई, एक पेड़ पर चढ़ा और धनी आदमी के सामने उसे फेंकते हुए बोला, "मुझे फूल, साके और मछली से नफ़रत है!" कोई पेड़ नहीं खिला। उलटे राख धनी आदमी की आँखों में चली गई, और उसने क्रोध में बुरे बूढ़े को पकड़वा दिया।
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यह देखकर बुरे बूढ़े ने बची हुई राख उठाई, एक पेड़ पर चढ़ा और धनी आदमी के सामने उसे फेंकते हुए बोला, "मुझे फूल, साके और मछली से नफ़रत है!" कोई पेड़ नहीं खिला। उलटे राख धनी आदमी की आँखों में चली गई, और उसने क्रोध में बुरे बूढ़े को पकड़वा दिया।